आये ने मेरे भोले नाथ

पारंपरिक
महादेव गुरु वाणी शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आये ने मेरे भोले नाथ बैल उते होके सवार जी,

गोरा मैया नु लेके साथ बैल उते होके सवार जी,

हार नागा दा पाके आये जटा धारी,

पूजे है उसनु दुनिया है सारी,

सबदे दे सिरा ते रखे हाथ

बैल उते होके सवार जी,.......

तीन लोक दा मालिक है प्यारा सारे ही जग दा बनिया सहारा,

ओहदे बिन दुनिया अनाथ बैल उते होके सवार जी,

पूत पुत्र देवे नाल कारोबार जी,

सब ले लाहोरी ओहदे खुले भण्डार जी,

देखे न कोई घर वार,

बैल उते होके सवार जी.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।