गुरु के सामान नहीं दूसरा जहान में

पारंपरिक
महादेव भजन गुरुदेव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

चल कपट त्याग दीजे, गुरु जी के शरण लीजे।

मन को विशाल कीजे, खेलिए मैदान में ॥

गुरु के सामान नहीं दूसरा जहान में ।

पाप से बचावे गुरु, भय से छुडावे गुरु।

ब्रह्म से मिलावे गुरु, तत्पर ध्यान में ॥

गुरु ब्रह्म रूम जानो, शिव का स्वरूप मानो।

साक्षात् ब्रह्म जानो, लिखा है पुराण में ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।