कभी कभी भगवान् को भी भक्तों से काम पड़े

अनूप जलोटा
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

कभी कभी भगवान् को भी भक्तों से काम पड़े ।

जाना था गंगा पार प्रभु केवट की नाव चढ़े ॥

अवध छोड़ प्रभु वन को धाये,

सिया राम लखन गंगा तट आये ।

केवट मन ही मन हर्षाये,

घर बैठे प्रभु दर्शन पाए ।

हाथ जोड़ कर प्रभु के आगे केवट मगन खड़े ॥

प्रभु बोले तुम नाव चलाओ,

अरे पार हमे केवट पहुँचाओ ।

केवट बोला सुनो हमारी,

चरण धुल की माया भारी ।

मैं गरीब नैया मेरी नारी ना होए पड़े ॥

चली नाव गंगा की धारा,

सिया राम लखन को पार उतारा ।

प्रभु देने लगे नाव उतराई,

केवट कहे नहीं रागुराई ।

पार किया मैंने तुमको, अब तू मोहे पार करे ॥

केवट दोड़ के जल भर ले आया,

चरण धोये चरणामृत पाया ।

वेद ग्रन्थ जिन के गुण गाये,

केवट उनको नाव चढ़ाए ।

बरसे फूल गगन से ऐसे,

भक्त के भाग्य जगे ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।