श्याम पिया मोरी रंग दे चुनरिया

मीरा बाई
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम पिया मोरी रंग दे चुनरिया ।

ऐसी रंग दे, के रंग नहीं छुटे ।

धोभिया धोये चाहे सारी उमरिया ॥

लाल ना रंगाऊं मैं, हरी ना रंगाऊ ।

अपने ही रंग में रंग दे चुनरिया ॥

बिना रंगाये मैं तो घर नाही जाउंगी ।

बीत ही जाए चाहे सारी उमरिया ॥

मीरा के प्रभु गिरिधर नागर ।

प्रभु चरनन ने लागी नजरिया ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।