प्रगटे हैं चारों भैया में अवध में बाजे बधईया

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

प्रगटे हैं चारों भैया में, अवध में बाजे बधईया ।

जगमगा जगमग दियाला जलत है,

झिलमिल होत अटरिया, अवध में बाजे बधईया ॥

कौन लुटावे हीरा मोती,

कौन लुटावे रूपया, अवध में बाजे बधईया ॥

राजा लुटावे हीरा मोती,

मैया लुटावे रूपया, अवध में बाजे बधईया ॥

झांझ मृदंग ताल डप बाजे

नाचत ता ता थैया, अवध में बाजे बधईया ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।