साईं रंग डाला

पारंपरिक
विष्णु भगवान गुरु वाणी गुरुदेव भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

सतगुरु हो महाराज मोपे साई रंग डाला,

साई रंग डाला मोपे हरि रंग डाला...-2

औषध मोहे कछु नहीं लागे -2

क्यों करे वैद्य बेचारा,मोपे साई रंग डाला

सतगुरु हो महाराज मोपे साई रंग डाला.....

सबद की चोट लगी घट माहीं -2

भेद गया तन सारा,मोपे साई रंग डाला

सतगुरु हो महाराज मोपे साई रंग डाला.....

सुर नर मुनि जन पीर औलिया -2

कोई नही पावे पारा, मोपे साई रंग डाला

सतगुरु हो महाराज मोपे साई रंग डाला.....

साहिब कबीर सबद रंग रंगिया -2

सब रंग से रंग न्यारा, मोपे साई रंग डाला

सतगुरु हो महाराज मोपे साई रंग डाला...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।