तुम आशा विश्वास हमारे

लता मंगेशकर
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

तुम आशा विश्वास हमारे ।

तुम धरती आकाश हमारे ॥

तात मात तुम, बंधू भ्रात हो,

दिवस रात्रि संध्या प्रभात हो ।

दीपक सूर्य चद्र तारक में, रामा,

तुम ही ज्योति प्रकाश हमारे ॥

साँसों में तुम आते जाते,

एक तुम्ही से हैं सब नाते ।

जीवन वन के हर पतझर के,

एक तिम्ही मधुमास हमारे ॥

तुम्ही ही सब में, हैं तुम में सब,

तुही भव हो, हो तुम ही रब ।

अश्रु हमारी आखों में तुम , रामा,

तुम होटों पे हास हमारे ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।