झंडेवाली मैया मेरी सबदि बिगड़ी बाणोंदी है

पारंपरिक
माता दुर्गा गुरु वाणी दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

झंडेवाली मैया मेरी सबदि बिगड़ी बाणोंदी है,

शारदा नाल जो दर ते आवे ओहनू दर्श दिखांदी है ,

झंडेवाली मैया मेरी.......

शेरावाली माँ दे मेरे बड़े ने रंग निराले,जो वि दर्शन पावे तेरा ओह ने कर्मावाले,

बचैया नू माँ गोद बिठाके,आप्ये लाड लडोंदी है,शारदा नाल जो दर ते आवे ओहनू दर्श दिखांदी है ,

झंडेवाली मैया मेरी सबदि बिगड़ी बाणोंदी है,

शारदा नाल जो दर ते आवे ओहनू दर्श दिखांदी है ,

झंडेवाली मैया मेरी.......

शारदा नाल जो भेटा लेके चरनी है लग जोयन्दा,ओहियो मेरी माँ दा भगतो सन्मुख दर्शन पौंदा ,

दुखा दे माँ काटे चुन के ,सुख दी कली खिलोंदी hai,शारदा नाल जो दर ते आवे ओहनू दर्श दिखांदी है ,

झंडेवाली मैया मेरी सबदि बिगड़ी बाणोंदी है,

शारदा नाल जो दर ते आवे ओहनू दर्श दिखांदी है ,

झंडेवाली मैया मेरी.......

सारे जग तो सोना मैयाजी तेरा ही दरबार है ,तइयो सारा जग तेयेनू कहंदा तू सच्ची सरकार है ,

भव विच ढोल रही नैया नू आपे पार लगौंडी है , शारदा नाल जो दर ते आवे ओहनू दर्श दिखांदी है ,

झंडेवाली मैया मेरी सबदि बिगड़ी बाणोंदी है,

शारदा नाल जो दर ते आवे ओहनू दर्श दिखांदी है ,

झंडेवाली मैया मेरी.......

लेखकः सुमित गुलाटी

मोबाइल 9999577410

(जय माता दी )

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।