जागो हे महा काल

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जागो हे महा काल, जागो जीवन आधार,

भसम करो पापी के पाप को,

धरती पुकारे प्रभु आपको ।

तुम को जगा रहा नीला गगन ।

तुम को जगाये प्रभु पूरा पवन ॥

कंदों पे नुसत धरो , डमरू पे ताल दो ।

तीसरे नयन की आज ज्वाला निकाल दो ॥

फूंक दो यह कष्टों की कालिमा ।

भरदो कानो में नयी लालिमा ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।