जिनके हृदय श्री राम बसे, तिन और का नाम लियो ना लियो

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जिनके हृदय श्री राम बसे, तिन और का नाम लियो ना लियो ।

कोई मांगे कंचन सी काया, मोई मांग रहा प्रभु से माया ।

कोई पुण्य करे कोई दान करे, कोई दान का रोज बखान करे ।

जिन कन्या धन को दान दियो, उन और को दान दियो ना दियो ॥

कोई घर में बैठा नमन करे, कोई हरि मंदिर में भजन करे ।

कोई गंगा यमुना स्नान करे, कोई काशी जाके ध्यान धरे ।

जिन मात पिता की सेवा की, उन तीरथ स्नान किओ ना किओ ॥

जिन के द्वारे पर गंग बहे, तिन कूप का नीर पीया ना पीया ।

जिन काम किया परमार्थ का, तिन हाथ से दान दिया ना दिया ।

जिन के घर एक सपूत भयो, तिन लाख भया ना भया ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।