बाबा तेरे हथ मेरी पतंग वाली ढोर

पारंपरिक
माता लक्ष्मी भजन साईं भजन lakshmi
॥ पावन पाठ ॥

साईं मेरे दी विच वसदा साईं मेरा चित चोर

तेरे ही भरोसे मालका मैं ता छड़ी ढोर

बाबा तेरे हथ मेरी पतंग वाली ढोर

एहना चरना कमला नालो एह्नु दूर ह्तावी न

चडदी जावे गुडी मेरी साईंया हथ चुडावी न

मिनता करदी तरले पावा खीच के रखी डोर

बाबा के दर पे खड़ा चेहरे पे मुस्कान है,

अज आके मैं मलेया बुहां साईंआ तेरे दरबार दा

हथ रखदे तू इक वारी सिर ते मेरे प्यार दा

तेरे ही भरोसे मालका मैं ता छड़ी डोर

बाबा के दर पे खड़ा चेहरे पे मुस्कान है,

तुनके नाल गुडी मेरी अम्बरो पार उतार दी

सारी दुनिया सड दी जावे एह की केहर गुजार ती

मोनू दा परिवार एह सारा करदा है जय घोस

बाबा के दर पे खड़ा चेहरे पे मुस्कान है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।