मारो दूध क्यों लजायो रे

संत तुलसीदास
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मारो दूध क्यों न जाए रे बेटा हनुमान

दूध क्यों लजायो मारो दूध क्यों लजायो

मारो दूध क्यों न जाए रे बेटा हनुमान

मारु धार पहाड़ फट जाए, ऐसो दूध पिलाओ जी

जनक सुता ने रावण ले गयो ,

माने तो आकर के बेटा मुंडो क्यों बतायो रे , बेटा हनुमान

मारो दूध क्यों न जाए रे बेटा हनुमान.................

ऐसा तेरा राम लखन है, जो थाने ने पायक बतायो रे

श्री राम की लेकर आज्ञा

सारी लंका ने बेटा उठा क्यों नहीं रहे बेटा हनुमान

मारो दूध क्यों न जाए रे बेटा हनुमान.....................

तुलसीदास आस रघुवर की, हरिचरण गुण गायो रे

द्रोणागिरी पर्वत पर गयो जब,

भरत भाई ने तेरे बाण क्यों लगायो रे बेटा हनुमान

मारो दूध क्यों न जाए रे बेटा हनुमान....................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।