॥ पावन पाठ ॥
मीरा बाई नचडी,
मीरा बाई नचडी,
हाथ कडलतला पैरा विच कुंगरू
मीरा बाई नचदी सँवारे नू दसदी,
तेरी बंसुरी पंज सत मोरीया,
श्याम करदा रहा मुदो चोरिया,
हाथ कड़ताला पैरा विच कुंगरू मीरा बाई नचदी,
तेरी बंसुरी ने lलगा श्याम दिल वे,
सहनु यमुना किनारे आके मिल वे,
हाथ कड़ताला पैरा विच कुंगरू मीरा बाई नचदी,
तेरी बंसुरी ने लगाव श्याम फीता
मीरा जहर प्याला श्यामा पीता
हाथ कड़ताला पैरा विच कुंगरू मीरा बाई नचदी
तेरी बन्सुरी पंज सात मोरिया
श्याम काला ते सखिया गोरिया
हाथ कड़ताला पैरा विच कुंगरू मीरा बाई नचदी