सतगुरु तेरे दर्शन को आये है भगत तेरे

संत रविदास
सूर्य देव भजन गुरुदेव भजन surya
॥ पावन पाठ ॥

सतगुरु जी तेरे दर्शन को आये है बच्चे तेरे

आये है भगत तेरे

माँ कलसा का राज दुलारा

संतोक पिता की आँखों का तारा,

सतगुरु जी तुम्हे शीश जुकाने को

आये है बच्चे तेरे

कांशी वानरस धाम पुराना

संग ते जपले नाम गुरा दा,

सतगुरु जी तेरा सत्संग करने को

आये है बच्चे तेरे

गोल्डी मुजफत महिमा लिखदा

गुरु रविदास कण कन विच दिसदा

सतगुरु जी तेरा सिमरन करने को

आये है बच्चे तेरे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।