जनम तेरा बातों ही बीत गयो

संत कबीर
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जनम तेरा बातों ही बीत गयो, रे तुने कबहू ना कृष्ण कहो |

पाँच बरस को भोलो बालो, अब तो बीस भयो |

मकर पचीसी माया के कारन, देश विदेश गयो ||

तीस बरस की अब मति उपजी, लोभ बढ़े नित नयो |

माया जोड़ी लाख करोड़ी, अजहू न तृप्त भयो ||

वृद्ध भयो तब आलस उपज्यो, कफ नित कंठ नयो |

साधू संगति कबहू न किन्ही, बिरथा जनम गयो ||

यो जग सब मतलब को लोभी, झूठो ठाठ ठयो |

कहत कबीर समझ मन मूरख, तूं क्यूँ भूल गयो ||

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।