मैंने राम नाम धन पाया मेरे जीवन में रस आया

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

ध्याम मूलं गुरुर मूर्ति, पूजा मूलं गुरु पदम्।

मन्त्र मूलं गुरुर वाक्यं मोक्ष मूलं गुरु कृपा॥

गुरु जी को करिए वंदना, भाव से बारम्बार।

नाम सुनौका से किया, जिसने भव से पार॥

मैंने राम नाम धन पाया, मेरे जीवन में रस आया।

मेरे सतगुरु कृपा कीनी, मुझे नाम की संपत्ति दीनी॥

नाम है ऐसा मधुर प्यारा, मन की तपत भुजावे रे।

अन्धकार को दूर भगा कर जीवन ज्योति जलाए रे।

मेरे सतगुरु ने दर्शाया, मैं तब ही दर्शन पाया,

मेरे सतगुरु कृपा कीनी, मुझे नाम की संपत्ति दीनी॥

नाम की धुन जब पड़ी कान में, सुध बुध भूल गयी सारी।

राम ही राम गुन्जेओ मन में, राम की खिल गयी फुलवारी।

मेरे सतगुरु ने समझाया, मेरे बीतर नाद जगाया,

मेरे सतगुरु कृपा कीनी, मुझे नाम की संपत्ति दीनी॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।