इसका भेद बता मेरे अवधू साबुत करनी करता तू

संत कबीर
श्री राम भजन गुरुदेव भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

इसका भेद बता मेरे अवधू साबुत करनी करता तू

डाली भूल जगत में कैसी, जहां देखूं वहां तू का तू.

हाथी में मोटो बन बैठो, कीड़ी माहि छोटो तू,

ऊपर बैठो महावत देखो, हाकन वालो तू का तू ,

इसका भेद बता मेरे अवधू साबुत करनी करता तू...........॥

नर नारी माहि एक बिराजे प्रभु, दो दुनिया में दिखे तू

बालक होकर रोवन लागो, राखन वालो तू का तू,

इसका भेद बता मेरे अवधू साबुत करनी करता तू...........॥

दाता में तू डाता बन बैठो, भिखियारी रे भेड़ो तू,

मंगतो होकर मांगन लागो, देवन वालो तू का तू,

इसका भेद बता मेरे अवधू साबुत करनी करता तू...........॥

जल थल जगत में गुरुवर , जिथे देखू उत्थे तू का तू,

कहत कबीर सुनो रे भाई साधो, गुरु मिलिया हे तू का तू,॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।