शनि देव मेरी नैया उस पार लगा देना

पारंपरिक
शनि देव भजन शनि देव भजन shani
॥ पावन पाठ ॥

शनि देव मेरी नैया उस पार लगा देना

अब तक तो निभाया है आगे भी निभा देना

शनि देव मेरी नैया उस पार लगा देना

हम दीन दुखी निगुण नित नाम जपे प्रतिपल,

कट जाए गी सब बाधा मेरी आज नही तो कल

जो भाग लगाया है फूलो से सजा देना

शनि देव मेरी नैया उस पार लगा देना

शनि वार को आयेगे तिल तेल चड़ाएगे

तेरी भगती को शनि देव हम अलख जगायेगे,

अब द्वार खड़े तेरे मुझे राह दिखा देना

शनि देव मेरी नैया उस पार लगा देना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।