भजन करो भक्तों हरि विष्णु का

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

एक हाथ में चक्क्र सुदर्शन, दूजे में गदा विराजे,

करे शेष नाग की सवारी, श्री सागर आसन लागे ll,,

पूजन करो भक्तों,,, ll, हरि विष्णु का,

भजन करो भक्तों, हरि विष्णु का" ll

( पूजन करो भक्तों, हरि विष्णु का,

भजन करो भक्तों, हरि विष्णु का )

विष्णु जी की पूजा होती, जिसके भवन में,

"लक्ष्मी का वास होता, उसके आँगन में" l

साँझ सवेरे भोग, जो भी लगाए,

"अन्न धन सब सुख, प्रभु जी से पाए" l

हवन करो भक्तों,,, ll हरि विष्णु का,

पूजन करो भक्तों, हरि विष्णु का,,,,

( पूजन करो भक्तों, हरि विष्णु का,

भजन करो भक्तों, हरि विष्णु का )

विष्णु है रूप प्रभु, राम और श्याम के,

"सृष्टि के मालिक यही, स्वामी चारों धाम के" l

जब जब भक्त, पुकारे प्रभु आए,

"होलिका जलाए, प्रह्लाद को बचाए" l

*नमन करे अनु/पंकज,,, ll हरि विष्णु का,

पूजन करो भक्तों, हरि विष्णु का,,,,

( पूजन करो भक्तों, हरि विष्णु का,

भजन करो भक्तों, हरि विष्णु का )

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।