जय जय गौरी लाल तेरी जय होवे

पारंपरिक
श्री गणेश गुरु वाणी गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जय जय गौरी लाल तेरी जय होवे,

जय होवे गौरी लाल तेरी जय होवे,

जय जय गौरी लाल तेरी जय होवे

सबदे काज सवारे गणपत,

भगत जना नु तारे गणपत,

भगत जना नु तारे गणपत,

सच्चे मन दे नाल तेरी जय होवे,

जय होवे गौरी लाल तेरी जय होवे,

जय जय गौरी लाल तेरी जय होवे

गजमुख सुन्दर रूप सुहावे,

बेहद सोहणा हर मन भावे,

बेहद सोहणा हर मन भावे,

नुरो नूर कमाल तेरी जय होवे,

जय होवे गौरी लाल तेरी जय होवे,

जय जय गौरी लाल तेरी जय होवे

आवो श्रद्धा नाल मनाइये,

चरणे लखके नाम धियाइये,

चरणे लखके नाम धियाइये,

मूक जांदे जंजाल तेरी जय होवे,

जय होवे गौरी लाल तेरी जय होवे,

जय जय गौरी लाल तेरी जय होवे

जय जय गौरी लाल तेरी जय होवे,

जय होवे गौरी लाल तेरी जय होवे,

जय जय गौरी लाल तेरी जय होवे

सिंगर भरत कुमार भारत दबथरा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।