हे नाथ दयावानों के सिरमौर बता दो

संत रविदास
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

हे नाथ दयावानों के सिर मौर बता दो,

छोडूँ मैं भला आपको किस और बता दो,

हा शर्त ये कर लो की मैं हट जाऊँगा दर से,

अपना सा कृपा सिंधु कोई और बता दो,

छोडूँ मैं भला आपको....

अगर धाम मैं सरकार के रह सकता नहीं हूँ,

तो द्वार पे रहने के लिए पीर बता दो,

छोडूँ मैं भला आपको .......

रैदास अजामिल सदन वो गिद्ध गणिका,

रहते हो जहाँ मुझको वही ठोर बता दो,

छोडूँ मैं भला आपको .......

आंसू की झड़ी पर भी दया कुछ नहीं करते,

द्रिगबिंदु का कब तक ये चले दौर बता दो

छोडूँ मैं भला आपको ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।