मुझे दे दो भजन वाली वो माला

मीरा बाई
हनुमान जी भजन कृष्ण भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मुझे दे दो भजन वाली वो माला॥

मुझे दे दो भजन वाली वो माला॥

जो माला ड्रॉपदी ने फेरी॥

देखो चीअर बडा गिया नंदलाला॥

मुझे दे दो भजन वाली वो माला॥

जो माला माता शबरी ने फेरी॥

मेरे राम कब आयेगे मेरे राम कब आयेंगे॥

जो माला माता शबरी ने फेरी॥

झूठे बरो को खा गए राम लाला

मुझे दे दो भजन वाली वो माला॥

प्रभु दे दो भजन वाली वो माला॥

जो माला हनुमान जी ने फेरी॥

राजा राम राम सीता राम राम॥

जो माला हनुमान जी ने फेरी फेरी॥

देखो लंका को पल में जला डाला॥

राजा राम राम सीता राम राम

मुझे दे दो भजन वाली वो माला॥

मुझे दे दो भजन वाली वो माला॥

जो माला बाई मीरा ने फेरी॥

मेरे तो गिरधर गोपाल दुरो नही कोई॥

जेक सिर मोरे मुकुट मेरे पती सोई॥

मुझे दे दो भजन वाली वो माला॥

देखो हिरदये में बस गये गोपाला

मुझे दे दो भजन वाली वो माला॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।