सत्गुराजी से ध्यान लगा रे मनवा

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन गुरुदेव भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

सत्गुराजी से ध्यान लगा आ...आ...आ...आ

रे मनवा क्यो फिरता विषयो मे वीषयो मे

सभी इंद्रियों को तू सम करले, इष्ट ध्यान हृदय में धरले

वहां पर सुरता आन लगा-आन लगा

गगन मंडल में बाजा बाजे,राग छत्तीसो धुन में गाजे

बंक नाल को तू चढ जा-तू चढ जा

दाता ध्यान एक देकर आसन, प्राणायाम कर दृढ सिंहासन

सुनकर आनंद तू हर्षा-तू हर्षा

अधर धार एक मूरत दरसे,ज्वाला कहे कोई हरिजन परसे

बूंद समंन्द मे तू मिल जा- तू मिल जा

सतगुरा जी से ध्यान लगा रे मनवा क्यों फिरता विषयो में

प्रेषक- नरेंद्र बैरवा (नरसी भगत )

रमेशदास उदासी ग्रुप

गंगापुर सिटी।

Mob no. 8905307813

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।