गुंरा जी से मिलिये हां चालो दीवाना देश

संत रविदास
विष्णु भगवान भजन गुरुदेव भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

गुंराजी से मिलिये हॉ, चालो दिवाना देश

संत सदा उपदेश लखावे, दिल अंदर दीदार करावे,

तन मन अर्पण करिए हो

जो कोई हरिजन पहला जागे, चार चौक अनहद के आगे

अब छल कदियन करिये हो

सूक्ष्म सेल की सोहंग शैली, माया गस्त फिरे चोफेरी

भूल भ्रमना से डरिये हो

पहुंचे संत रविदास विचारा, महापद का हम लया परवाना

कहे रे बिहारी कोई लखिये हो ......

चालो दिवाना देश

संग्रहण- नरेंद्र बैरवा (नरसी भगत)

8905307813

सलाहकार - महंत रमेशदास उदासी जी

गंगापुर सिटी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।