देदो साईं देदो साईं

गुरु नानक देव जी
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

देदो साईं देदो साईं अपनी भगती देदो साईं,

देदो साईं देदो साईं चरणों की भगती देदो साईं

देदो साईं देदो साईं अपनी भगती देदो साईं,

साईं की भगती परम कल्याणी

साईं की वाणी अमृत वाणी

साईं ने ऐसा मार्ग दिखाया सब धर्मो को एक बताया,

राग दवेष मिटाए साईं अपनी भगती देदो साईं

देदो साईं देदो साईं अपनी भगती देदो साईं,

घर घर में हो साईं पूजा

साईं जैसा ना कोई दूजा

मश्जिद में है साईं साईं

मंदिर में रहता है साईं

ईसा में दिखे है साईं गुरु नानक में साईं साईं

चित शुद्ध कर देता साईं व्यर्थ सोच हर लेता साईं,

साईं तुम को राह दिखाए अन्धकार में ज्योत जगाए,

साईं से तुम जोड़ो नाता साईं दाता ओ दाता,

सब को खुश कर देता साईं दोनों हाथ से देता साईं

देदो साईं देदो साईं अपनी भगती देदो साईं,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।