तेरा पल पल बीता जाए मुख से जप ले नमः शिवाय

मृदुल कृष्ण गोस्वामी जी महाराज
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तेरा पल पल बीता जाए, मुख से जप ले नमः शिवाय।

ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय॥

शिव शिव तुम हृदय से बोलो,

मन मंदिर का परदा खोलो।

अवसर खाली ना जाए,

मुख से जप ले नमः शिवाय॥

यह दुनिया पंछी का मेला.

समझो उड़ जाना है अकेला ।

तेरा तन यह साथ न जाय,

मुख से जप ले नमः शिवाय ॥

मुसाफिरी जब पूरी होगी,

चलने की मजबूरी होगी।

तेरा बिगड़ा प्राण रह जाये,

मुख से जप ले नमः शिवाय॥

शिव पूजन में मस्त बने जा

भक्ति सुधा रस पान किये जा।

दर्शन विश्वनाथ के पाय,

मुख से जप ले नमः शिवाय॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।