बरसे बदरिया सावन की

मीरा बाई
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बरसे बदरिया सावन की।

सावन की मन भावन की॥

सावन में उमंगयो मेरो मनवा।

झनक सुनी हरि आवन की॥

उमड़ घुमड़ चहुँ देस से आयो।

दामिनी धमके झर लावन की॥

नन्हे नन्हे बूंदन मेघा बरसे।

शीतल पवन सुहावन की॥

मीरा के प्रभु गिरिधर नगर।

आनंद मंगल गावन की॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।