माई तोहर झग मग पनिया

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विविध भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

मनवा बसेला मईया तिहारो लहरिया से हियरा में उठता हिलोर हो माई तोहर झग मग पनिया ल

गंगा हो जमुनवा के बीच ही में रेतिया

महिमा महान मईया मिले सरस्वतीया

तोहरो चरनिया में लागल पिरितिया।

बिनती करिला कर जोर हो माई तोहर झग मग पनिया।

कोटी कोटी पपियन के पपवा से तरलु

बझिन तिरियवन के कोखिया जुड़वलू

कोढ़ीया के सोना अयसन देहिया बना दीहलू

ओ विनती करिला कर जोर हो माई तोहर झग मग पनिया ।

नीति उठी नमवा मईया जपे तोहर जगवा

टूटे ना सनेहिया मईया नेहिया के धगवा

भारत बंधनवा पर रखिह धेयनवा

तोहरो प रही वीसभोर हो माई तोहर झग मग पनिया।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।