कभी राम बन के कभी श्याम बन के चले आना

पारंपरिक
श्री गणेश भजन विविध भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

कभी राम बन के, कभी श्याम बन के, चले आना प्रभु जी चले आना।

तुम राम रूप में आना।

सीता साथ लेके, धनुष हाथ लेके, चले आना प्रभु जी चले आना॥

तुम श्याम रूप में आना।

राधा साथ लेके मुरली हाथ लेके चले आना, प्रभु जी चले आना॥

तुम शिवे के रूप में आना।

गौरा साथ लेके, डमरू हाथ लेके, चले आना प्रभु जी चले आना॥

तुम विष्णु रूप में आना।

लक्ष्मी साथ लेके चक्र हाथ लेके चले आना प्रभु जी चले आना॥

तुम गणपति रूप में आना।

रिद्धी साथ लेके सिद्धी साथ लेके चले आना, प्रभु जी चले आना॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।