जय जय सूर्ये देवा

पारंपरिक
सूर्य देव भजन विविध भजन surya
॥ पावन पाठ ॥

जय जय सूर्ये देवा जय जय सूर्ये देवा,

तुम मंगल कारी त्रिगुण स्वरूपा,

जय जय सूर्ये देवा जय जय सूर्ये देवा,

बरह्मा तेज के दाता सर्व शक्ति देवा,

अश्वो में सवार हुए आदित्य देवा,

जीवन का सार हो तुम देव सवरूपा,

जय जय सूर्ये देवा जय जय सूर्ये देवा,

देवा धनुज नर नारी सब के हो शुभ कारी,

बल बुधि देते तुम चार बुजा धारी ,

तुम्हारे उपासना से जीवन सवेरा,

जय जय सूर्ये देवा जय जय सूर्ये देवा,

सूख की वर्षा करते तुम हो सर्व शक्ति मान ,

मारतंड कहलाते विष रुपी भगवान,

शवेत कमल धारी तुम त्रिलोकिश देवा,

जय जय सूर्ये देवा जय जय सूर्ये देवा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।