सतगुरु हो महाराज मोपे साई रंग डाला

पारंपरिक
विष्णु भगवान गुरु वाणी गुरुदेव भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

सतगुरु हो महाराज मोपे साई रंग डाला,

साई रंग डाला मोपे हरि रंग डाला

सबद की चोट लगी घट भीतर,

भेद गया तन सारा

मोपे साई रंग डाला-सतगुरु

सुर नर मुनि जन पीर औलिया,

कोई नही पावे पारा,

मोपे साई रंग

साहिब कबीर सबद रंग रंगिया,

सब रंग से रंग न्यारा

मोपे साई रंग डाला

सतगुरु जी महाराज मोपे साई रंग डाला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।