युग युग जीवे तू माँ

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विविध भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

युग युग जीवे तू माँ तनु साडी उम्र लग जावे

युग युग माने खुशिया तू तनु साड़ी उम्र लग जावे,

वे रब्बा मेरी माँ जीवे

सुख विच दुःख विच इको जाहि रब दी रेहमत बचैया ले तू,

जग भावे सारा छड़ जावे बचैया नाल सदा ही रही तू,

ममता दी मीठी छाँह तनु साडी उम्र लग जावे,

युग युग जीवे तू माँ तनु साडी उम्र लग जावे

बचैया दी नस नस दे अंदर माँ दी ममता नस्दी फिरदी,

हसदे फिरदे चेहरिया ते खुशिया बन के हसदी खिड़ दी,

शब्दा विच किवे कवा तनु साडी उम्र लग जावे,

युग युग जीवे तू माँ तनु साडी उम्र लग जावे

मावा दे कर्जे नु साहिल आज तक के कोई लाह नहीं सकैया,

रब भी कहंदा इस दुनिया विच मैं भी माँ बिन आ नहीं सकैया,

पल पल अरदास करा मैं तनु साडी उम्र लग जावे,

युग युग जीवे तू माँ तनु साडी उम्र लग जावे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।