महावीर हनुमान गोसाई हम है तुमरे शरणाई

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

महावीर हनुमान गोसाई, हम है तुमरे शरणाई।

सिंधूर सजीली प्रतिमा, मंदिर में मेरे समाई।

एक हाथ गदा तोहे सोहे, एह हाथ गिरिधारी।

दर्शन करत मोरी अखियाँ, भक्ति की ज्योति जगाये॥

वानर मुखमंडल प्यारा,दर्शन से मिटे भय सारा।

है दिव्य नयन, ज्योतिर्मय, हर ले जीवन अँधियारा।

श्री राम नाम की चदरिया, तन पे तुम्हारे लहराई॥

जिसपर कृपा हो तुम्हारी, बन जाये बिगड़ी सारी।

वह राम भक्ति पा जाए, तुम करते नित रखवाली।

तन की साँसों से जपूं मैं, हनुमान सिया रघुराई॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।