झुंझनू में मोटी सेठानी, गायक- सौरभ मधुकर

श्री सौरभ-मधुकर जी
विष्णु भगवान भजन रानी सती दादी भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

झुंझनू में मोटी सेठानी, डोकवा में लाडो नारायणी

तनधन बाबा ने जहाँ दिया बलिदान , रानी सती के सत का है जो प्रमाण

देवसर धाम वो है देवसर धाम

झुंझनू में राणी सती दादी का तीर्थ स्थान बना

गुरसामाल की लाड़ली का डोकवा में धाम बना

पर्वत के ऊपर माँ का भवन आलिशान, मंदिर बना है जहाँ स्वर्ग सामान

देवसर धाम वो है देवसर धाम

हाँथ जोड़कर जब हमने देवसर की धरती से पूछा,

क्या तुमने तनधन बाबा और माँ नारायणी को देखा

कैसे करूँ मैं सत की महिमा बखान , कण कण में बसता जहाँ दादी का नाम

देवसर धाम वो है देवसर धाम

इसी भूमि पर राणी सती ने राणा को आदेश दिया

सौरभ मधुकर अस्थि कलश में फिर माँ ने प्रवेश किया

भक्त राणा को जहाँ मिला वरदान भक्ति की शक्ति का है जो प्रमाण

देवसर धाम वो है देवसर धाम

गायक- श्री सौरभ मधुकर जी

गीतकार- श्री सौरभ-मधुकर जी

9830608619 , 9831258090

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।