आओ स्वामी जी तुम देने दर्शन

पारंपरिक
सूर्य देव भजन गुरुदेव भजन surya
॥ पावन पाठ ॥

आओ स्वामी जी तुम देने दर्शन

आकर भक्तों का तुम धन्य करो जीवन

हर लब पे तुम्हारा नाम आता है सुबह शाम

देर तुम लगाओ ना प्रभु चले आओ ना

दर्शन पाने मैं बड़ी दूर से आई हूँ

दिल में श्रद्धा भी भरपूर मैं लाइ हूँ

मेरा दुःख हर दो स्वामी तुम और ख़ुशी दे दो

द्वार मैं तुम्हारे आस लेके आई

भक्ति का मैं विश्वास लेके आई

लगती है तुम्हारी ही मन भानी छवि

तुम ही मेरे चंदा और तुम ही हो रवि

पर तुम बिन कितना है अधूरा तेरस का ये दिन

तुम से ही पुरे होंगे सब अरमा

सुनके पुकार चले आओ भगवान्

भक्ति मैं अपनी तुम्हे देने आई हूँ

दर्शन का सोना मैं लेने आई हूँ

प्यासा है मन संजय कितन प्यास बुझाओ तुम

करो तुम दया होगा बड़ा उपकार

दीपा के लाल तुमको नामा हज़ार

आओ स्वामी जी .........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।