वे आजा मेरे जोगियां के देरा बहुत हो गैयाँ

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन बाबा बालक नाथ भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

वे आजा मेरे जोगियां के देरा बहुत हो गैयाँ,

आये गा ओहदों जदों न्ब्जा खलो गैयाँ,

वे आजा मेरे जोगियां के देरा बहुत हो गैयाँ,

राता नेहरियाँ दे विच तेरा किथे है बिछोना,

तेनु माँ तो बेगैर डर लगता होना

पुता तेरुया जुदाइया मेरे नाल नाल टो गियां,

वे आजा मेरे जोगियां के देरा बहुत हो गैयाँ,

पोटे घस गए ने मेरे पाके कंधा उते लिका

वे तू आएगा जरुर मेनू रेह्न्दिया उडीका,

ओहदों औनदा की फयदा जदों अखा बुहे धो गिया

वे आजा मेरे जोगियां के देरा बहुत हो गैयाँ,

तेरी रोटी नल लस्सी वे मैं किह्नु देके आवा,

पुता नजर नि औंदा जदों बोह्डा हेठ जावा,

मेरे दुखड़े सुनान दे कलम पिरती दी रो गी आ,

वे आजा मेरे जोगियां के देरा बहुत हो गैयाँ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।