तेरे नाम दी सिंगी जोगियां पा ली आ

पारंपरिक
माता लक्ष्मी भजन बाबा बालक नाथ भजन lakshmi
॥ पावन पाठ ॥

तेरे नाम दी सिंगी जोगियां पा ली आ,

रूह रुलदी फिरदी सी तेरे रंगा विच रंगा ली आ ,

तेरे नाम दी सिंगी जोगियां पा ली आ,

हुन कोई परवाह नहीं जग दी साहनु तत्ती वाह नि लगदी

तेरा ला के जैकारा पिरती तो गठ बना ली आ,

तेरे नाम दी सिंगी जोगियां पा ली आ,

किरपा जोगियां हो गई तेरी दे दर्शन क्यों लावे देरी

संगता चेत दे चाले ते आप बुला ली आ,

तेरे नाम दी सिंगी जोगियां पा ली आ,

तू रत्नो दा लाल प्यारा लक्ष्मी माँ दी अख दा तारा,

तेरे धुनें आगे बह के विर्दी ला ली आ,

तेरे नाम दी सिंगी जोगियां पा ली आ,

लड लग गए तेरे भूले भटके गेड चौरासी जावी कट के

भरदी जोगियां झोलियाँ नवी सवा ली आ.

तेरे नाम दी सिंगी जोगियां पा ली आ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।