आओ दादी भगतों मिलकर साथ चलें

सौरभ मधुकर
विष्णु भगवान भजन रानी सती दादी भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

आओ दादी भगतों मिलकर साथ चलें ,

नारायणी चरित महामंगल पाठ करें ।

अम्बिकापुर में मंदिर बना निराला है ,

दर्शन जो करले वो किस्मत वाला है ।

आओ दादी भगतों मिलकर साथ चलें ,

नारायणी चरित महामंगल पाठ करें ।

महा ये मंगल-पाठ दादी का अनोखा है,

दादी की सेवा का हमको मिला ये मौका है ।

जहां 'सौरभ मधुकर' भजनों की बरसात करें ,

नारायणी चरित महामंगल पाठ करें ।

आओ दादी भगतों मिलकर साथ चलें ,

नारायणी चरित महामंगल पाठ करें ।

अम्बिकापुर में मंदिर बना निराला है ,

दर्शन जो करले वो किस्मत वाला है ।

भजन गायक - सौरभ मधुकर

भजन रचयिता - मधुकर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।