झुंझुनू धाम से चली है देखो दादीजी की पालकी

सौरभ मधुकर
विष्णु भगवान भजन रानी सती दादी भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

झुंझुनू धाम से चली है देखो दादीजी की पालकी ,

हो जाओ तैयार भगतों बारी है नेपाल की ।

दादी वालों की ये चिट्ठी आई बड़ी कमाल की ,

हो जाओ तैयार भगतों बारी है नेपाल की ।

पशुपति की नगरी में माँ राणी सती का भजनोत्सव,

काठमांडू की धरती पे नारायणी महा उत्सव ।

घड़ी ख़तम होने वाली है अब तो इंतज़ार की ।

हो जाओ तैयार भगतों बारी है नेपाल की ।

दीपोत्सव से होगा स्वागत सतियों की सिरमौर का,

धूम-धाम से होगा भगतों उत्सव माँ गणगौर का ।

कमी कहीं कोई रह ना जाए रजत जयंती साल की,

हो जाओ तैयार भगतों बारी है नेपाल की ।

नारायणी नमो नमो का गूँज उठेगा जयकारा,

राणी सती सेवा संघ का उत्सव होगा सबसे न्यारा ।

"सौरभ मधुकर" कर लो सेवा दादी के दरबार की ,

हो जाओ तैयार भगतों बारी है नेपाल की ।

भजन गायक - सौरभ मधुकर

भजन रचयिता - मधुकर

संपर्क - 9831258090

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।