लागी री लगन

रहीम दास
महादेव भजन साईं भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

लागि रे साईं, लगन तेरे नाम की,

लागी थी लगन जैसे, मीरा जी को श्याम की,

ऐसी लगन लगी रे भगतां, होश रही न बाकी,

बन गई साईं तेरे नाम पे, आलू की मैं साकी,

रहती तलब है अब, ~मस्ती के जाम की,

(ओ वारे जाऊं रे, बलिहारे जाऊं रे)

राम रहीम तुम्हीं हो बाबा, तुम हो कृष्ण मुरारी,

तुम हो ब्रह्मा तुम हो विष्णु, तुम हो शिव त्रिपरारी,

तुम बिन मेरे साईं जी, दुनिया किस काम की...

महिमा लिखे संदीप छोटी सुल्ताना गावे,

जो तेरे दर आये बाबा झोली भर ले जावे,

करूँ क्या सिफ़्त तेरे, शिर्डी के धाम की....

Pandit Dev शर्मा

7589218797

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।