सद लवे ते आ जाइये

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन बाबा बालक नाथ भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

सद लवे ते आ जाइये ऐसी चढ़ के पहाड़ पोनहरियाँ,

हो जंदा है जन्म सफला तेरा करके दीदार पौनहारिया

तेरे ना दे ला जैकारे दुःख दलिद्र भजदे सारे ,

सोहनी गुफा ते आऊं लइ दिल रेह्न्दा है त्यारा पौनहारियाँ,

सद लवे ते आ जाइये ऐसी चढ़ के पहाड़ पोनहरियाँ,

नाम तेरे दी कर के भगति अध् मोया नु मिलदी शक्ति,

एहने दुःख कट लाये ने नहीं हुन्दे सी सहार पौनहारियाँ,

सद लवे ते आ जाइये ऐसी चढ़ के पहाड़ पोनहरियाँ,

चरण गंगा ते धुंआ लाके गुफा तेरी ते रोट चढ़ा के,

गध गध हो जाइये जे सुन ले पुकार पौनहारियाँ,

सद लवे ते आ जाइये ऐसी चढ़ के पहाड़ पोनहरियाँ,

सब दी झोली पावे खैरा कर देवे तू लेहरा वेहरा,

मेरे हर साल आवा दा दूर करे इकरार पौनहारियाँ,

सद लवे ते आ जाइये ऐसी चढ़ के पहाड़ पोनहरियाँ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।