नारायण श्री नारायण भज ले रे मन नारायण

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

ॐ नमो नारायणाय, ॐ नमो नारायणाय, ॐ नमो नारायणाय।

नारायण श्री नारायण, भज ले रे मन नारायण।

भवभय भंजन, जन मन रंजन, संकट मोचन, पाप विमोचन॥

हठ योगी अपनी हठ साधे, मन को मारे, तन को बांधे।

हरी के मिलन की यह रीत नहीं, हरी के मिलन का एक ही साधन॥

जीवन बलि दे कहे, पुजारे, पूरण होवे आस हमारी।

हिंसा से हरी दूर रहें हैं, दया अहिंसा हरि मन भावन॥

मात पिता है नारायण, बंधू सखा है नारायण।

गुरु की विद्या नारायण, योग तपस्या नारायण॥

नारायण श्री नाथ हरे,नाथ हरे श्री नाथ हरे।

नारायण श्री नारायण, नारायण श्री नारायण॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।