मेरे हिरदे वसो रविदास प्रभु

संत रविदास
सूर्य देव भजन गुरुदेव भजन surya
॥ पावन पाठ ॥

मेरे हिरदे वसो रविदास प्रभु मेरे हिरदे वसो रविदास,

मैं है नौकर तेरे दर दा पूरन कर देयो आस,

मेरे हिरदे वसो रविदास प्रभु मेरे हिरदे वसो रविदास,

जगत गुरु रविदास जी मेरे कर दयो सब तुसी दूर हनेरे,

हर मुश्किल फिर हल हो जावे रखो चरना दे पास,

मेरे हिरदे वसो रविदास प्रभु मेरे हिरदे वसो रविदास,

जम के नाम कई कर गये प्राणी सच्ची सूचि पढ़ के वाणी,

मन चित तेरे चरनी लाके विरदी करे अरदास

मेरे हिरदे वसो रविदास प्रभु मेरे हिरदे वसो रविदास,

सुते भाग जगा देयो मेरे आ पहुंचा है सनम दर तेरे ,

दीद तेरी हो जावे मैनु भुजे नैना दी प्यास,

मेरे हिरदे वसो रविदास प्रभु मेरे हिरदे वसो रविदास,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।