कर ले प्रभु से प्यार

-स्वामी सदानन्द जोधपुर
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

कर ले प्रभु से प्यार,नही पछताएगा,

झूठा है संसार, धोखा खाएगा ,

माया के जितने धन्धे,सब झूठे है बंदे,

उनके तन उजले मन गंदे,अँखियो से बिल्कुल अंधे,

नज़र क्या आएगा ....

मात-पिता सुत नारी,मतलब की रिस्तेदारी,

जब चलेगी तेरी सवारी,रह जाएगी दोलत सारी,

संग नही जाएगा........

ले मान गुरू का कहना,दिन चार यहा पर रहना,

सुख दुःख सबको सहना,पर हरि भजनो मे रहना,

काम ये आएगा....

धन-दोलत माल खजाना,ये संग तेरे नही जाना,

पङेगा तुझे पछताना,जब होगा यहा से रवाना,

धरया रह जाएगा.....

थाने सदानन्द समझावे,नर तन फिर हाथ ना आवे,

यमदूत पकङ ले जावे,फिर सिर धुन-धुन पछतावे

कोन छुङवाएगा.....

रचनाकार:-स्वामी सदानन्द जोधपुर

M.9460282429

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।