बड़ी प्यारी प्यारी लागे बड़ी सोहनी सोहनी लागे

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन रानी सती दादी भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

बड़ी प्यारी प्यारी लागे बड़ी सोहनी सोहनी लागे,

माहने छोटी सी नारायणी सरे जग से न्यारी लागे,

बड़ी प्यारी प्यारी लागे बड़ी सोहनी सोहनी लागे,

आंगनिये में ठुमक ठुमक कर चाले देखो नारायणी,

रूप सलोनो देख के सारी दुनिया हो गई दीवानी,

पीछे पिछेसाब भागे पीछे पीछे सब भागे,

माहने छोटी सी नारायणी सरे जग से न्यारी लागे,

बड़ी प्यारी प्यारी लागे बड़ी सोहनी सोहनी लागे,

छोटा छोटा पगियां में पायलियाँ घुंगर वाली है,

सतरंगी लेहरियो और चुनरियाँ जयपुर वाली है,

चंदो भी फीको लागे ,

मने छोटी सी नारायणी सरे जग से न्यारी लागे,

बड़ी प्यारी प्यारी लागे बड़ी सोहनी सोहनी लागे,

बोरलियो बन कर के बाबुल जो लाड लड़ावे है,

अंचल में लेकर के मियां ममता खूब लुटावे है,

इक नजर कदे न लागे,

माहने छोटी सी नारायणी सरे जग से न्यारी लागे,

बड़ी प्यारी प्यारी लागे बड़ी सोहनी सोहनी लागे,

कितना कितना करके बाई सब ने सीख बतावे है,

पांच वर्ष की उमर में सब ने पाठ सुनावे है,

श्याम तभे नसीबा जागे,

माहने छोटी सी नारायणी सरे जग से न्यारी लागे,

बड़ी प्यारी प्यारी लागे बड़ी सोहनी सोहनी लागे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।