प्रभु जी सबके सिरजन हार

-स्वामी सदानन्द जोधपुर
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

प्रभु जी सबके सिरजन हार

तेरे बिना अब कोई नही है,जग का पालन हार

जग की प्रीती अज़ब निराली,जाने जानन हार

बिन मतलब ना मुख से बोले,मतलब की मनवार

सुख मे सब कोई संगी साथी,कुटुम्ब सखा परिवार

भीङ पङे जब मुखङा मोङे,स्वार्थ का संसार

ना जानू कोई भक्ती पूजा,मै हूँ मुरख गंवार

जैसो तेसो हूँ मै स्वामी,मुझ पर दया विचार

तुम ही सागर तुम ही किनारा,तुम ही हो पतवार

तुम ही नैया तुम ही खवैया,तुम हो खेवण हार

सुख ओर दुःख मे तुम ही सहारा,तुम ही प्राणाधार

सदानन्द की यही भावना,सुखी रहे संसार

रचनाकार:-स्वामी सदानन्द जोधपुर

M.9460282429

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।