मानव जनम गमायो रे

-स्वामी सदानन्द जोधपुर
विष्णु भगवान भजन विविध भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

कदे ना हरि गुण गायो रे,ते मानव जनम गमियो रे

लख चोरासी भटकत-भटकत, नर तन पायो रे

रेकोल किया था भजन करण का,जग भरमायो रे

बाल पणो ते खेल कूद ओर ,नाच गमायो रे

आई जवानी धन दोलत,तिरीया बिलमायो रे

बूढापे तन भयो पुराणो,रोग संतायो रे

बेटा पोता कहयो ना माने,जद पछतायो रे

सदानन्द कहे हरि सुमिरन रो,अवसर आयो रे

रबार-बार नही मिले बावरा,हीरो पायो रे

रचनाकार:-स्वामी सदानन्द जोधपुर

M.9460282429

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।