कहने मे कुछ भी कहे

-स्वामी सदानन्द जोधपुर
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

कहने में कुछ भी कहे,मगर मन मे जानते,

बाहर से अनजान है पर,दिल से पहचानते,

भटका हुआ राही हूँ में,मंजिल का पता नही,

मिले या ना मिले कोई,इससे मे खपा नही,

खता तो बस यही है,गेंरो को अपना मानते

देख रहा है सब कुछ,मगर बोलता नही,

जानता है राज सब,फिर भी खोलता नही,

रहता है दिल के पास,फिर भी नही जानते,

बङी अज़ीब लग रही है,दीन की ये दास्था,

कहीं कभी देखा नही,फिर भी केसी आस्था,

अचरज़ भरी है ये रचना,मुख से सभी बखानते

कष्ट अनेको सहे है,फिर भी कोई गिला नही,

जहां भी देखा गैर है,अपना कोई मिला नही

इस दर्द भरे सफ़र मे,"सदा आनन्द"मानते

रचनाकार:-स्वामी सदानन्द जोधपुर

M.9460282429

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।