आपकी शरण में आया

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

आपकी शरण में आया,अपनालो दाता मेरे,

भटक रहा था जिसके लिये,मिल गए मालिक मेरे ,

आप मेरी जिन्दगी हो,मै आपका जीव हूँ ,

आप ही सागर हो मेरे,मै छोटी सी बूँद हूँ

नदी नालो में बह आया,समालो गुरू देव मेरे,

सेवक हूँ में आपका,तुम ही मेरे मालिक हो,

क्यो में दुनियां से डरू,मेरे रक्षक आप हो,

कोई जग वालो से कह दे,मिल गए स्वयंभु मेरे,

आप ही अविनाशी हो,आप ही का अंश हूँ,

कर्म बंधन से फंसकर,भटका हुआ हंस हूँ,

आबाद कर दो पींजरे से,कर्म बन्धन काट मेरे,

सदानन्द दर्शन को,तरस रही है हर नज़र,

आपके दर्शन हुए,गई है जिन्दगी संवर ,

जिधर देखु तुम ही तुम हो,नही कोई सिवा तेरे,

रचनाकारः-स्वामी सदानन्द जोधपुर

M.9460282429

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।