महादेव शिव की है दोनों संतान

लखबीर सिंह लक्खा
हनुमान जी गुरु वाणी हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

साखी - रविवार भैरव भजो मंगल शनि हनुमान

सब संकट टल जाये 'लक्‍खा' हो जाये कल्‍याण

महादेव शिव की है दोनो संतान

एक बल‍ि भैरव तो दुजे हनुमान ।

एक तन सिन्‍दुरी है एक रूप काला, दुनिया में दोनो का है बोलबाला ।

दोनो में ही... दोनो में विषमता है फिर भी समान

एक बलि भैरव तो दुजे हनुमान...

एक राम का भक्‍त दुजा शिव दुलारा, दोनो ने भगतो का संकट है टारा ।

इनके जैसे... इनके जैसे सेवक ना जग में महान

एक बलि भैरव तो दुजे हनुमान...

दुष्‍टो को चुन चुनके हनुमान छांटा, 'लक्‍खा' भैरव ने शीश ब्रम्‍हा का कांटा ।

बेधड़क इनका... बेधड़क इनका तु करले गुणगान

एक बलि भैरव तो दुजे हनुमान...

जय हो भैरव... जय बजरंग बली

Uploaded by : हेमन्‍त कुमार 'झालावाड्'

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।